- बसंत पंचमी पर सांदीपनि आश्रम में विद्यारंभ संस्कार, भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षास्थली में गूंजे पहले अक्षर
- बसंत पंचमी पर महाकाल दरबार पीले रंग में सजा, आज से होली तक रोज अर्पित होगा गुलाल
- महाकाल मंदिर में गूंजा ‘जय श्री महाकाल’, भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब; शेषनाग मुकुट और रजत मुण्ड माला में सजे बाबा महाकाल
- बसंत पंचमी पर वासंती रंग में रंगेगा महाकाल मंदिर, भस्म आरती से होगी शुरुआत; सांदीपनि आश्रम में भी होंगे विशेष धार्मिक आयोजन!
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद ली गई आज्ञा, पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण के साथ साकार रूप में भगवान ने दिए दर्शन
कमलनाथ सरकार पर मंडरा रहे संकट को मिटाने उज्जैन में विशेष जाप
Ujjain News: कमलनाथ सरकार पर आए संकट को मिटाने तथा फ्लोर टेस्ट में सफलता के लिए गढ़कालिका मंदिर प्रांगण में पिछले छह दिनों से अनुष्ठान चल रहा है।
कमलनाथ सरकार पर आए संकट को मिटाने तथा फ्लोर टेस्ट में सफलता के लिए गढ़कालिका मंदिर प्रांगण में पिछले छह दिनों से अनुष्ठान चल रहा है। इसमें 11 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा प्रतिदिन विशेष अनुष्ठान किया जा रहा है, ताकि सरकार पर आए संकट के बादल जल्द ही टल जाएं।
सवा लाख जाप लगातार
सतीश पांडे एवं पंकज श्रीवास्तव द्वारा किए जा रहे अनुष्ठान का सोमवार को छठा दिन था। पं. राम शुक्ल एवं अंकित शुक्ल ने बताया कि 11 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा देवी का अनुष्ठान करते हुए मां बगलामुखी के सवा लाख जाप लगातार किए जा रहे हैं।
मप्र विधानसभा 26 मार्च तक स्थगित
मध्य प्रदेश की राजनीति और कोरोना वायरस के चलते मध्य प्रदेश विधानसभा को 26 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है, लेकिन इसकी शिकायत को लेकर बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। उधर, कांग्रेस के बागी विधायक जो इस समय बेंगलुरू में हैं उन्होंने प्रेस क़ॉन्फ्रेंस की है. इससे पहले सोमवार को राज्यपाल लालजी टडन के सीएम कमलनाथ को लिखे दूसरे पत्र के बावजूद भी मध्य प्रदेश में फ्लोर टेस्ट की कोई संभावना नहीं है. कोरोना वायरस को लेकर सदन को 26 मार्च तक स्थगित करने का ही फैसला हो चुका है. वहीं इस मामले को लेकर बीजेपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। चौहान ने अपनी याचिका में कहा है कि कमलनाथ सरकार के पास सत्ता में बने रहने का ‘कोई नैतिक, कानूनी, लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार’ नहीं रह गया है। सोमवार को तेजी से हुए घटनाक्रम में चौहान और बीजेपी के नौ विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति के राज्यपाल लालजी टंडन के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए शक्ति परीक्षण कराए बिना 26 मार्च तक विधानसभा की कार्यवाही स्थगित किए जाने के तुरंत बाद शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया।